(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में "जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा की जयंती) पर विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी द्वारा विश्विद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर फूल माला अर्पण कर साप्ताहिक कार्यक्रम श्रृंखला का शुभारंभ किया गया यह भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़ा हुआ है। यह कार्यक्रम स्वाधीनता आंदोलन में जनजातियों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देने एवं उनकी गौरवशाली संस्कृति का उत्सव मनाने का दिन है। कार्यक्रम का संचालन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के प्रो. पी. सामल, अधिष्ठाता - जनजातीय अध्ययन केंद्र द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय त्रिपाठी जी ने अपने उद्बोधन में "भगवान बिरसा मुंडा के गौरवमई जीवन वृतांत का वर्णन किया बिरसा मुंडा को एक जननायक बताते हुए शिक्षा पर उनके प्रभाव और जनजाति समाज को आगे बढ़ाने में उनके द्वारा किए गए शिक्षा के प्रयोगों के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की जन्म जयंती ना सिर्फ विश्वविद्यालय के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक उत्सव मनाने का दिन है यह दिन किसी तीज-त्योहारों से कम नहीं है। अतः हमें उन्हें नमन करने के साथ-साथ कृतज्ञ भी होना चाहिए। आज का दिन 'धरती आबा' के नाम से भी जाना जाता है। इस विशेषण का अर्थ है - "पृथ्वी के पिता" आज मुंडा जी के बहुमूल्य योगदान से सम्पूर्ण शिक्षा जगत को गौरवान्वित होना चाहिए और विद्यार्थियों को उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए"।
कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ.हरित मीणा द्वारा किया गया इस बीच विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वर्ग, गैरशैक्षणिक कर्मचारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया पर भी किया गया। जिससे विश्वविद्यालय के छात्रों के अतिरिक्त अन्य ने भी इस कार्यक्रम का लाभ उठाया।

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