(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) जिले की पहचान पवित्र नगरी अमरकंटक मैकल पर्वत श्रृंखला में सैकड़ों रहस्यों को छुपाए और लाखों वन संपदाओं को
अपने में समाहित किए हुए है। मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में वन और जैव विविधता संरक्षण हेतु कार्य कर रही वनमनई नामक संस्था द्वारा तितली सर्वेक्षण का आयोजन किया गया।इस आयोजन में देश भर से प्रकृति-प्रेमी,विषय-विशेषज्ञ,शोधार्थी, विद्यार्थी, तथा सामाजिक संस्थानों ने भाग लिया कबीर चबूतरा स्थित इको हिल रिसोर्ट में आयोजित इस कैंप में वन मितान-जागृति कैंप का आयोजन भी किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनजाति बच्चे बाहर से आए पर्यटको और विशेषज्ञों के साथ रूबरू हुए साथ ही जैव विविधता संरक्षण और इकोसिस्टम के विभिन्न तत्वों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त किया।
तितली सर्वेक्षण के कार्यक्रम में अमरकंटक के विभिन्न स्थानों पर टीम द्वारा भ्रमण किया गया जिसमें मुख्य रुप से कबीर चबूतरा, सोनमुड़ा, माई की बगिया, दुर्गा धारा, कपिलधारा, दूध-धारा, पंचधारा और माई का
अपने में समाहित किए हुए है। मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में वन और जैव विविधता संरक्षण हेतु कार्य कर रही वनमनई नामक संस्था द्वारा तितली सर्वेक्षण का आयोजन किया गया।इस आयोजन में देश भर से प्रकृति-प्रेमी,विषय-विशेषज्ञ,शोधार्थी, विद्यार्थी, तथा सामाजिक संस्थानों ने भाग लिया कबीर चबूतरा स्थित इको हिल रिसोर्ट में आयोजित इस कैंप में वन मितान-जागृति कैंप का आयोजन भी किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनजाति बच्चे बाहर से आए पर्यटको और विशेषज्ञों के साथ रूबरू हुए साथ ही जैव विविधता संरक्षण और इकोसिस्टम के विभिन्न तत्वों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त किया।
तितली सर्वेक्षण के कार्यक्रम में अमरकंटक के विभिन्न स्थानों पर टीम द्वारा भ्रमण किया गया जिसमें मुख्य रुप से कबीर चबूतरा, सोनमुड़ा, माई की बगिया, दुर्गा धारा, कपिलधारा, दूध-धारा, पंचधारा और माई का
मंडप आदि शामिल हैं।
तितलियों से पता
चलता है जैव विविधता
चलता है जैव विविधता
कार्यक्रम में उपस्थित पर्यावरणविद संजय पयासी ने बताया कि किसी क्षेत्र की जैव विविधता का पता वहां उपस्थित तितलियों की विभिन्न प्रजातियां के माध्यम से लगाया जा सकता है, जिस स्थान पर जितने अधिक प्रकार के तितलियां पाई जाएंगी उस स्थान की परिस्थिति की तंत्र तथा जैव विविधता अधिक गुणवत्तापूर्ण होगा।हमारे पर्यावरण में तितली का उतना ही अधिक महत्व है जितना कि अन्य जीवो का महत्व है।अमरकंटक के जंगल भारत के उन महत्वपूर्ण जंगलों में से एक है जिनमें सर्वाधिक जैव विविधता पाई जाती है और इसके संरक्षण के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिए।
मैकल की जैव विविधता
इसकी पहचान है
इसकी पहचान है
कार्यक्रम में उपस्थित प्रणाम नर्मदा युवा संघ के अध्यक्ष एवं शोधार्थी विकास चंदेल ने बताया की मैकल पर्वत श्रृंखला जैव विविधता के दृष्टिकोण से सतपुड़ा तथा विंध्य पर्वत श्रृंखला को अपने में समाहित करती है और यही इसकी पहचान है।आधुनिकता और विकास के इस दौर में अमरकंटक के वातावरण में काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, समय रहते सरकार के साथ जन सामान्य को भी इसके संरक्षण के प्रति जागरूक तथा जिम्मेदार होना पड़ेगा, अन्यथा अमरकंटक का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
इंसान का अस्तित्व जंगल पर टिका है इसलिए यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हमें अपने अस्तित्व की रक्षा करने के लिए जंगलों की रक्षा करनी होगी,जंगलों में रहने वाले बड़े जानवरों से लेकर छोटे जीवों तक की रक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। शासन-प्रशासन के साथ आम जनता को भी इसके प्रति सचेत होना होगा।तितली सर्वेक्षण का यह कार्य देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है,प्रकृति प्रेमियों के बीच यह एक अनूठा प्रयोग रहा जिससे जैव विविधता के संरक्षण में मदद मिलेगी।
इंसान का अस्तित्व जंगल पर टिका है इसलिए यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हमें अपने अस्तित्व की रक्षा करने के लिए जंगलों की रक्षा करनी होगी,जंगलों में रहने वाले बड़े जानवरों से लेकर छोटे जीवों तक की रक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। शासन-प्रशासन के साथ आम जनता को भी इसके प्रति सचेत होना होगा।तितली सर्वेक्षण का यह कार्य देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है,प्रकृति प्रेमियों के बीच यह एक अनूठा प्रयोग रहा जिससे जैव विविधता के संरक्षण में मदद मिलेगी।


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