(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा चल रहे कार्यों में ध्यान नहीं देना संबंधित विभाग की लापरवाही का जीता जागता नमूना सभी के सामने कई बार पूर्व में आ चुका है लेकिन उसके बाद भी स्कूली बच्चे प्रतिदिन नाव के मार्फत नदी क्रास कर विद्या अध्ययन करने के लिए स्कूल जाते हैं चाहे कोई भी मौसम हो बिना नदी पार करें शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते इनके मार्ग में बन रहा पुल काफी समय से आधा अधूरा पड़ा हुआ है शिक्षा विभाग के अधिकारी भी आंख बंद किए बच्चों के स्कूल जाने में किसी तरह की रोक नहीं लगाई उसका परिणाम आज जिले में सोन नदी में अचानक आया बहाव स्कूली विद्यार्थियों से भरी नाव को पलटा दिया।सभी बच्चे पढ़ाई करने के लिए नाव से नदी पार कर स्कूल जा रहे थे।नदी के दूसरे छोर पर पहुंचते ही नाव पानी में समा गई।नाव में 20 विद्यार्थी सवार थे। गनीमत रही कि हादसे के बाद सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। यहां से छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा जिला मुख्यालय से महत 20 किमी दूर ग्राम पंचायत कैल्होरी के चचाई में हुआ।यहां शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने के लिए कई विद्यार्थी सोन नदी को पार करके आते हैं। गुरुवार को भी बकेली,पोड़ी, कोदयली, खाडा, मानपुर सहित अन्य गांव के 20 विद्यार्थी स्कूल जा रहे थे।नाव डूबने से दो छात्राएं घायल हो गई। छात्रा खुशी केवट और चांदनी केवट को कमर और पैर में चोट लगी है। उन्हें घबराहट होने के बाद गुरुवार दोपहर में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा जिला मुख्यालय से महत 20 किमी दूर ग्राम पंचायत कैल्होरी के चचाई में हुआ।यहां शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने के लिए कई विद्यार्थी सोन नदी को पार करके आते हैं। गुरुवार को भी बकेली,पोड़ी, कोदयली, खाडा, मानपुर सहित अन्य गांव के 20 विद्यार्थी स्कूल जा रहे थे।नाव डूबने से दो छात्राएं घायल हो गई। छात्रा खुशी केवट और चांदनी केवट को कमर और पैर में चोट लगी है। उन्हें घबराहट होने के बाद गुरुवार दोपहर में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
छात्रा बोली-बीच धारा में
नाव डूबती तो हम नहीं बचते
नाव डूबती तो हम नहीं बचते
हादसे का शिकार हुई छात्रा खुशबू पटेल ने बताया कि नाव में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी थे। इनमें 18 छात्राएं और दो छात्र थे। नदी के दूसरे किनारे पर पहुंचते ही नाव डूब गई। नाव डूबते ही चीख पुकार मच गई।गनीमत रही कि नदी का किनारा था,यहां गहराई कम थी। नाविक और तट पर मौजूद लोगों ने हमको सुरक्षित निकाला। दो दिन से क्षेत्र में बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नाव बीच धारा में डूबती तो शायद मैं और मेरे साथी नहीं बच पाते।नाव डूबने से हम घबरा गए थे।हमारी किताबें और कपड़े सब खराब हो गए।
नाविक बोला- उतरने की
हड़बड़ाहट में डूबी नाव
हड़बड़ाहट में डूबी नाव
नाविक जगदीश केवट ने बताया कि रोज की तरह गुरुवार सुबह 10 बजे नदी के उस पार स्कूली बच्चों को छोड़ने जा रहा था। नाव में छात्र-छात्राएं बैठे थे। बकेली गांव से चलकर जैसे ही नाव सोन नदी के दूसरे छोर पर पहुंची तभी छात्र- छात्राओं ने उतरने की कोशिश।इसी हड़बड़ाहट में नाव अनियंत्रित होकर पानी में समा गई।सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकाला।इसमें उनकी किताबें भीग गई।गनीमत रही कि इस हादसे में किसी भी छात्र-छात्राओं को चोट नहीं आई।
सात साल ये हो
रहा पुल का निर्माण
रहा पुल का निर्माण
गांव के लोगों ने बताया कि नदी पर पुल का काम आधा- अधूरा होने के कारण उन्हें रोज जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करनी पड़ती है। इसके लिए एक फेरे के 20 रुपए किराया देना पड़ता है।क्षेत्र के करीब 10 गांव के विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए चचाई आते हैं।यहां पुल बनाया जा रहा है। करीब सात साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। चार साल से पुल का 20 फीसदी काम अटका पड़ा है।
नाव से बच्चों को स्कूल
भेजेने पर लगाई रोक
भेजेने पर लगाई रोक
इसकी सूचना तुरंत कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलने पर एसपी अखिल पटेल, एसडीओपी कीर्ति बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह, रमेश कुमार सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी अमर वर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी ली। एसपी ने नाव से छात्रों को नदी पार कराने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
ग्रामीण बोले- पुल बनने तक
बच्चों को बस से भिजवाएं स्कूल
बच्चों को बस से भिजवाएं स्कूल
ग्रामीणों ने कहा कि नाव को बंद करने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बस सुविधा की मांग की है। इसको लेकर शुक्रवार को ग्रामीण कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। इसमें पुल का निर्माण जल्द कराने व निर्माण होने तक बच्चों को बसों से स्कूल भेजने की मांग करेंगे।
पुल निर्माण शीघ्र कराएं
अन्यथा होगा आंदोलन
अन्यथा होगा आंदोलन
प्रदेश कांग्रेस सचिव रमेश कुमार सिंह ने कहा है कि संबंधित विभाग तत्काल आधे अधूरे पुल का निर्माण पूर्ण कराएं अन्यथा पुल निर्माण के लिए आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों से भरी नाव पलटना विधानसभा क्षेत्र के लिए शर्म की बात है।जहां का विधायक प्रदेश में मंत्री है उसके बाद भी आज तक अधूरे पुल का निर्माण पूरा नहीं कराया गया और बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है यही शिक्षा का विस्तार विधानसभा क्षेत्र में हुआ है।उन्होंने कहा कि बकेली में सोन नदी के ऊपर बने पूल जिसका कई सालो से निर्माण शाशन और प्रशासन के लापरवाही के कारण पूरा नहीं हुआ है, यहाँ के आसपास के बच्चे पढ़ाई के अपने मौलिक अधिकार के लिए हर रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने विद्यालय जाते हैं।उन्होंने कहा कि जैसे ही मुझे घटना की जानकारी मिली मैं तत्काल भाग के मौक़े पर गया और सभी के परिवार एवं बच्चों से मिला।वही से ज़िला प्रशासन को चेताया की इसका काम जल्दी पूरा हो नहीं तो जन आंदोलन होगा।इस अवसर पर उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति सिंह भी उपस्थित थी।

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