(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) नगरीय निकायों के निर्वाचन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित पदों के लिए निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन पत्र के साथ अपनी जाति का उल्लेख करना होता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिए गए हैं।अभ्यर्थी की जाति की पुष्टि के संबंध में नगरपालिका निर्वाचन रिटर्निंग अधिकारी की निर्देशिका अक्टूबर 2020 के नियम 14 के कंडिका 3 में स्पष्ट है कि अभ्यर्थी के लिए नाम निर्देशन पत्र में संगत स्थान में अपनी जाति वर्ग का स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक है।केवल अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछडा वर्ग का सदस्य होना लिख देना या प्रारूप में मुद्रित इन शब्दों के सामने केवल सही का निशान लगा देना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक जाति वर्ग का उल्लेख यदि न किया गया हो तो ऐसा करने को कहा जाए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र की प्रति ली जाए।नगरपालिका निर्वाचन में अभ्यर्थी को नाम निर्देशन पत्र के साथ जो अभिलेख लगाए जाने है उसके बारे में म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा स्थिति स्पष्ट की गई है।इन अभिलेखों में यदि अभ्यर्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का सदस्य हो तो जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य बताया गया है। आयोग ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि आरक्षित पद से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी अपने नाम निर्देशन पत्र के साथ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निर्धारित विहित प्रारूप में प्रमाण पत्र संलग्न करें। मध्यप्रदेश शासन के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने वाला अभ्यर्थी आरक्षित वर्ग का सदस्य नहीं होने की स्थिति में अभ्यर्थी का नाम निर्देशन पत्र निरस्त किया जा सकेगा। जाति प्रमाण पत्र के संबंध में आयोग ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी आदेशों/निर्देशों एवं माननीय सक्षम न्यायालय व माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित विभिन्न आदेशाें का अध्ययन आवश्यक होगा।

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