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न्यायालय ने मारपीट कर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सुनाई सजा

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) अपर सत्र न्यायाधीश राजेन्द्रग्राम अविनाश शर्मा जिला-अनूपपुर (म.प्र.) के न्यायालय के द्वारा थाना अमरकंटक अप.क्र. 43/16 सत्र प्रकरण क्र. 74/16 धारा 302 भादवि. आरोपी मुकेश जयसवाल पिता राजाराम जयसवाल उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम भीमकुण्डी, थाना अमरकंटक जिला अनूपपुर (म.प्र.) को धारा 302 के अपराध के आरोप में आजीवन कारावास और 10 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। राज्य की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शशि धुर्वे के द्वारा की गई।
                   मीडिया प्रभारी राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि फरियादी दिनांक 23/03/2016 को होली धुरेड़ी का दिन होने से मुकेश जयसवाल, भोला गुप्ता, दिलीप गुप्ता के साथ शराब पी खा लिये थे और शाम 06.30 बजे परसराम गुप्ता अपने घर के पीछे कुलिया बाड़ी में चड्डी बनियान में बैठा था तभी भोला, मुकेश, मिथलेश आये तो आरोपी मुकेश जयसवाल मजाक में परसराम गुप्ता की चड्डी उतार दिया था चड्डी उतार देने से परसराम शर्म महसूस करने लगा और अभियुक्त मुकेश पर गुस्सा करने लगा तभी भोला गुप्ता और लाला उर्फ मिथलेश बीच-बचाव कर अभियुक्त मुकेश को उसके भाई अजय जयसवाल की दुकान की तरफ ले गये और परसराम अपने घर के परछी में करीबन शाम 07.00-07.30 बजे के बीच बैठा था उसी समय अभियुक्त आया और परसराम को नाम लेकर रोड की तरफ बुलाया तब परसराम अपनी परछी से निकलकर रोड में अभियुक्त के पास पहुंचा तब अभियुक्त परसराम को पकड़ कर मारपीट करने लगा तब परसराम का बड़ा भाई सुरेश गुप्ता यह देखकर घर से निकलकर बीच-बचाव करने लगा तो अभियुक्त मुकेश जयसवाल परसराम को छोड़कर बीच-बचाव करने आये सुरेश गुप्ता को हाथ-मुक्के से मारपीट किया जिससे सुरेश को चोट आने से वह जमीन पर गिर गया और मौके पर ही सुरेश गुप्ता मृत्यु हो गई यह देखकर अभियुक्त मुकेश मौके से भाग गया। घटना देखकर ललिता बाई, पुष्पा बाई व आस-पड़ोस के लोग मौके पर आ गये। घटना की रिपोर्ट थाना अमरकंटक में की गई अभियुक्त मुकेष जयसवाल के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना उप.निरीक्षक अमर सिंह मरकाम द्वारा की गई विवेचना पश्‍चात् अभियोग पत्र मान्नीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां विचारण पश्‍चात् अभिलेख पर आये साक्ष्य एवं दस्तावेज के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी के विरूद्ध अपराध को प्रमाणित पाते हुये उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया।

                                                                                 

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