(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) प्रदेश में कोरोना महामारी का भीषण प्रकोप है परंतु मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के निर्देशन में मध्यप्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री बिसाहूलाल सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में खाद्य विभाग मध्यप्रदेश में रवि उपार्जन के क्षेत्र में निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।मध्यप्रदेश सरकार हमेशा किसानों के हित को सर्वोपरि रखती है।प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किसान कल्याण योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की राशि का वितरण सीधे किसानों के खाते में करना इसका एक उदाहरण है। ताकि प्रदेश के अन्नदाता को किसी तरह की कोई असुविधा अपवा परेशानी न हो।यह सरकार पूर्ण रूम से किसानों की सरकार तथा किसानों का विशेष ध्यान रखती है। मंत्री बिसाहूलाल सिंह,खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा दिनांक 10/5/2021 तक रवि उपार्जन के क्षेत्र में जो प्रगति अर्जित की है।उसके संबंध में जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश में इस वर्ष किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिये 24.72.430 लोगों ने पंजीयन कराया,चना उपार्जन के लिये 7,23,357 लोगों ने पंजीयन कराया, मसूर उपार्जन के लिये 1,95,505 लोगों ने पंजीयन कराया तथा सरसो उपार्जन के लिये 1.88,131 लोगों द्वारा पंजीयन कराया गया।इस तरह गेहूं, चना,मसूर तथा सरसों के लिये कुम 35,79.423 लोगों द्वारा पंजीयन कराया गया। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देश पर विभाग ने गेहूं की खरीदी हेतु 4663 उपार्जन केन्द्र मसूर खरीदी हेतु 1072 उपार्जन केन्द्र इस तरह कुल 5735 उपार्जन केन्द्र खोलकर के किसानों का गेहूं और मसूर उपार्जन किया।वर्तमान में गेहूं उपार्जन के लिये 4858 तथा मसूर के लिये 514 एक्टिव सेंटर बनाये गये।इस तरह गेहू उपार्जन के लिये कुल वेरिफाइ पंजीयन 24,85,001, चना उपार्जन के लिये वेरिफाई पंजीयन 7.19,851, मसूर के उपार्जन के लिये पंजीयन 1,95,014 तथा सरसों उपार्जन के लिये 1,84,703 उपार्जन केन्द्र के साथ में प्रदेश में कुल 35,84,569 पंजीयन (वेरिफाई) सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
प्रदेश के किसानों के द्वारा अपनी फसल हेतु जो रकवा हेक्टेयर में पंजीयन कराया गया उसमें मेंहू उपार्जन हेतु 49,34,794, चना उपार्जन हेतु 9,57,683, मसूर हेतु 1,92,508, सरसों हेतु 1,90,645 इस तरह कुल 62,75,810 हेक्टेयर का रकवा पंजीकृत(वेरिफाई) किया गया।इस तरह से देखा जाये तो गत वर्ष की तुलना में गेहूं का रकवा (हेक्टेयर में) प्रतिशत में देखा जाये तो 127 चना में, 143 मसूर में, 158 तथा सरसों में 157 प्रतिशत रहा।खाद्य मंत्री ने यह भी बताया कि उनके निर्देश पर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और किसान को किसी तरह की उपार्जन केन्द्र पर परेशानी न हो इसको देखते हुये गेहूं के लिये 22,99,178 एसएमएस किये गये।मसूर उपार्जन हेतु कुल 9,31,686 एसएमएस किये गये।इस तरह एसएमएस 83 प्रतिशत रहा।

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