(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) जिले के अग्रणी शासकीय तुलसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. परमानन्द तिवारी ने महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा हेतु आयोजित एक वर्चुअल बैठक में कहा कि महाविद्यालय में अभी हाल ही सम्पन्न हुई विश्वविद्यालयीन परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है और इसके लिए जिन प्राध्यापकों को कॉपियां आवंटित हुई हैं वे शीघ्र ही उन्हें जाँच कर मूल्यांकन केंद्र में जमा कर दें। जिससे छात्रों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सके। परीक्षा परिणाम जितना जल्दी घोषित होंगे छात्रों का प्रवेश भी अगली कक्षाओं में उतना ही जल्दी होगा।जिससे उच्च शिक्षा में पुनः पठन-पाठन का वातावरण निर्मित होगा। कोविड के कारण शैक्षणिक सत्र में जो विलंब हुआ है उसे भी कवर किया जा सकेगा।
डॉ. तिवारी ने कहा कि हरेली अमावस्या के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में 10 अगस्त को वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अधिकाधिक वृक्ष लगाकर वैश्विक समुदाय के समक्ष उत्पन्न विभिन्न पर्यावरणीय संकटों को कम कर सकते हैं और स्वयं के साथ दूसरे जीवों की भी रक्षा कर सकते हैं। कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्होंने सभी प्राध्यापकों और छात्रों से वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आह्वान किया।
डॉ. तिवारी ने बताया कि महाविद्यालय अपनी स्थापना के 50 वें वर्ष (स्वर्ण जयंती) में प्रवेश कर चुका है जिसके उपलक्ष्य में तुलसी जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनकी तैयारियां चल रही हैं।
हाल ही में शासन द्वारा हुए स्थानांतरण के सम्बंध में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में इतिहास विषय में एक पद रिक्त था जिस पर बिजुरी महाविद्यालय से डॉ. विक्रम सिंह बघेल स्थानांतरित होकर यहाँ आए हैं। डॉ. बघेल एक वरिष्ठ और अनुभवी प्राध्यापक हैं, उनके अनुभवों का लाभ निश्चित रूप से महाविद्यालय को मिलेगा।जिससे यहाँ के नवनियुक्त प्राध्यापक और छात्र-छात्राएँ लाभान्वित होंगे। महाविद्यालय में अभी भी हिंदी, रसायनशास्त्र और प्राणिशास्त्र में एक-एक पद रिक्त हैं जिन्हें भरने के लिए शासन स्तर से चर्चा चल रही है।

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