(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) न्यायालय द्वितीय सत्र न्यायाधीश अनूपपुर आर.पी. सेवेतिया जिला अनूपपुर के सत्र प्रकरण क्रमांक 92/21, थाना कोतवाली अनूपपुर के अपराध क्रमांक 96/2020, धारा 363, 376(3) भादवि एवं धारा 3,4 पॉक्सो एक्ट एवं 3(2)(5), 3(1)(डब्ल्यू)(II) एससी एसटी एक्ट के आरोपी नवीन उर्फ गोलू ठाकुर पिता राजकुमार ठाकुर उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर,थाना कोतवाली अनूपपुर जिला अनूपपुर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा कुल 5 हजार रूपये अर्थदण्ड दिए जाने का आदेश पारित किया है।मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो)/सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुश्री शशि धुर्वे द्वारा की गयी।
सहा.जिला लोक अभियोजन अधिकारी अनूपपुर द्वारा न्यायालयीन निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 10/03/2020 को शाम के करीब 04.00 बजे 16 वर्षीय पीडिता अपने घर की छत पर थी तभी आरोपी गोलू ठाकुर आया और पीडिता से माचिस मांगा,पीडिता नीचे आकर माचिस नहीं है बोलकर वापस जाने लगी तभी आरोपी फरियादिया को जबरजस्ती पकडकर उसके घर के पास सूने मकान में ले गया तथा पीडिता के साथ गलत काम (बलात्कार) किया,जिसके संबंध में पीडिता ने घर आकर अपने परिजन को जानकारी देते हुए उसने थाने में आकर शिकायत दर्ज करायी,जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लेते हुए दौरान विवेचना अभियुक्त द्वारा पीड़िता के साथ अपराध कारित किया जाना पाए जाने पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर अनुसंधान समाप्ति पर उसके विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जहां विचारण उपरान्त न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया है।
सहा.जिला लोक अभियोजन अधिकारी अनूपपुर द्वारा न्यायालयीन निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 10/03/2020 को शाम के करीब 04.00 बजे 16 वर्षीय पीडिता अपने घर की छत पर थी तभी आरोपी गोलू ठाकुर आया और पीडिता से माचिस मांगा,पीडिता नीचे आकर माचिस नहीं है बोलकर वापस जाने लगी तभी आरोपी फरियादिया को जबरजस्ती पकडकर उसके घर के पास सूने मकान में ले गया तथा पीडिता के साथ गलत काम (बलात्कार) किया,जिसके संबंध में पीडिता ने घर आकर अपने परिजन को जानकारी देते हुए उसने थाने में आकर शिकायत दर्ज करायी,जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लेते हुए दौरान विवेचना अभियुक्त द्वारा पीड़िता के साथ अपराध कारित किया जाना पाए जाने पर अभियुक्त को गिरफ्तार कर अनुसंधान समाप्ति पर उसके विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जहां विचारण उपरान्त न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया है।

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