Anchadhara

अंचलधारा
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पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने सुनाया आजीवन कारावास की सजा एवं अर्थदंड

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश राजेन्‍द्रग्राम अविनाश शर्मा जिला अनूपपुर के न्‍यायालय के सत्र प्रकरण क्रमांक 60/2018, थाना राजेन्‍द्रग्राम के अपराध क्रमांक 46/2018, धारा 302, 201 भादवि के आरोपी हीरालाल बनावल पिता सम्‍भरलाल बनावल उम्र 57 वर्ष निवासी ग्राम महोरा, थाना राजेन्‍द्रग्राम जिला अनूपपुर म.प्र. को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 अर्थदण्‍ड एवं धारा 201 भादवि में 05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अ‍र्थदण्‍ड के दण्‍ड से दण्डित किए जाने का आदेश पारित किया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नारेन्‍द्रदास महरा द्वारा की गयी। 
                      सहायक जिला अभियेाजन अधिकारी द्वारा न्‍यायालयीन निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 03/03/2018 को थाना राजेन्‍द्रग्राम में इस आशय की सूचना प्राप्‍त हुई कि ग्राम महोरा में किसी अज्ञात व्‍यक्ति द्वारा मृतिका मुन्‍नीबाई की हत्‍या कर दी गई है,जिसकी तस्‍दीक हेतु थाना राजेन्‍द्रग्राम की पुलिस मौके पर गयी और सूचनाकर्ता हीरालाल बनावन ने इस आशय की सूचना दिया कि दिनांक 02/03/2018 को उसकी पत्‍नी मुन्‍नीबाई शाम को घर में खाना बनाई और उसकी पुत्री अनीता जो उसके छोटे भाई रामसुफल के घर ग्राम महोरा में थी को लेने के लिए कहकर शाम 05.30 बजे घर से निकली थी,जो भाई रामसुफल के घर नही पहुंची। उसकी पत्‍नी की लाश उसके खेत में मिली हैं, मुंह से खून निकला है, गले में खरोंच का निशान है। जांच के दौरान अभियुक्‍त का पता न चल पाने के कारण अज्ञात अभियुक्‍त के विरूद्व अपराध क्र 46/18 अंतर्गत धारा 302, 201 भादवि की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के दौरान संदेही अभियुक्‍त मृतिका के पति हीरालाल बनावल को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि मृतिका मुन्‍नी बाई के साथ उसका वाद-विवाद होने पर गला दबाकर हत्‍या करना व शव को पास के राहर के खेत में डाल देना एवं किसी को शक न हो और पुलिस समझे कि मृतिका के साथ किसी ने गलत कर उसकी हत्‍या कर दी है, इस‍लिए मृतिका के साडी व ब्‍लाउज ऊपर कर देना, मृतिका की अंडरवियर को पास की झाडी में छिपा देना बताया। मामले की समस्‍त विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया जहां अभियोजन द्वारा शासन की ओर से पैरवी की गई जहां पर  न्‍यायायल द्वारा अपराध प्रमाणित पाये जाने पर आरोपीगण को उक्‍त दण्‍ड से दण्डित किया।

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