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शासकीय शिक्षक अपनी जगह करा रहा है निजी शिक्षक से शिक्षण कार्य शास.कन्या उच्च.माध्य.विद्या.का मामला

 
(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो) 

अनूपपुर (अंंचलधारा) भारत की प्रदेश की सरकारें छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने की बात करती आ रही है फिर भी देखा जा रहा है कि सरकारें शासकीय से ज्यादा निजी स्कूलों को काफी बढ़ावा दे रही है।जिसके लिए सरकार निजीकरण को बढ़ावा देती नजर आ रही है।इसी बात का फायदा उठाते हुए एक शासकीय शिक्षक अपने ही पद पर निजी शिक्षक का चयन पिछले कई सालों से करता आया है।मामला अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी में संचालित हो रहे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है।जैतहरी की कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बतौर व्याख्याता सुनीता शर्मा 12 वीं की केमेस्ट्री की क्लास पिछले जुलाई से लेती आ रही है।
                  इस पद पर पहले से ही विद्यालय में एम.आइ. राजदीन बतौर सरकारी व्याख्याता मौजूद है जो सरकार से काफी मोटी तनखा लेते आ रहे है।इनके द्वारा अपने अधीनस्थ एक महिला शिक्षक को रखकर उनसे अपनी जगह क्लास दिलवा रहे है।ऐसा नहीं है कि स्कूल के प्राचार्य एस.के.श्रीवास्तव को मामले की जानकारी न हों।

नहीं है कोई 
सरकारी आदेश

नियमित शिक्षक द्वारा अपने जगह निजी शिक्षक रखकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।ऐसा कोई सरकारी आदेश विभाग के द्वारा नही दिया गया है और न ही ऐसा कोई प्रावधान है।मगर पहले से प्राचार्य की कुर्सी संभाल चुके राजदीन पिछले 3 सालो से ये मनमानी करते आ रहे है वही इसको रोकने की जगह वर्तमान प्राचार्य द्वारा इस मामले को बढ़ावा ही दिया गया है।12 वीं कक्षा की छात्राओ ने बातचीत के दौरान बताया कि मैडम पिछले दो माह से क्लास ले रही है।सर स्कूल में जरूर आते है मगर क्लास में नही।इसके पहले भी दो सालों से राजदिन सर की जगह और दो महिला शिक्षक क्लास ले चुकी है।

हाजरी रजिस्टर से महिला 
शिक्षक का नाम नदारत 

इस मामले में व्याख्याता और स्कूल प्राचार्य की साफ तौर पर मिली भगत सामने आ रही है।विभागीय अधिकारियों की माने तो मौखिक सहमति के आधार पर इस तरह से किसी भी शिक्षक को अधिकार नहीं है।हाजरी रजिस्टर में भी महिला शिक्षक का नाम दर्ज नहीं है।प्रदेश सरकार के द्वारा कोई छूट नहीं दी गई है।मगर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जैतहरी व्याख्याता एम.आई.राजदीन पिछले 3 सालों से अलग अलग महिलाओं से काम लेते आ रहे है।

प्राचार्य बने अंजान

इस पूरे मामले में स्कूल के प्राचार्य एस.के.श्रीवास्तव ने बताया कि उनको जुलाई माह में ही प्राचार्य की कुर्सी मिली है। इसके पहले राजदीन को प्राचार्य का जिम्मा मिला हुआ था। सुनीता शर्मा नाम को कोई शिक्षक उनके यहां पदस्थ नहीं है। इस बात की जानकारी हजारी रजिस्टर में भी देखने को नहीं मिली है। मगर बिना प्राचार्य के जानकारी के इस तरह से कोई महिला व्याख्याता की जगह पढ़ा रही है और प्रिंसिपल को कोई जानकारी न हो ऐसा संभव नहीं है।

निर्वाचन का बहाना

एम.आई.राजदीन अपने आपको चुनाव में ड्युटी में रहना बता रहे है इसी लिए पिछले 2 सालो में उनके द्वारा 2 महिला शिक्षक से सेवा लेते आए है।ऐसा करने के पीछे शिक्षक द्वारा अपनी ड्यूटी चुनाव में लगी होना बताया जा रहा है मगर हजारी रजिस्टर में बकायदा रेगुलर शिक्षक अपनी उपस्थित देता है।

इनका कहना है-

मैं स्कूल में राजदीन सर की जगह पढ़ा रही हूं।
सुनीता शर्मा निजी शिक्षक पिछले दो सालों से मैं निर्वाचन की ड्यूटी दे रहा हूं बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए मेरे द्वारा अपनी जगह पर शिक्षक रख दिया है।

एम.आई.राजदीन 
व्याख्याता 

मैंने अभी जुलाई माह में स्कूल में प्राचार्य का पदभार ग्रहण किया है।इस लिए मुझे कोई जानकारी नही है।

एस.के.श्रीवास्तव 
प्राचार्य
दोनो को नोटिस जारी करके जबाब मांगा जाएगा,उसके बाद यथा उचित कार्यवाही की जाएगी।

पी.एन.चतुर्वेदी 
सहायक आयुक्त


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