(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) श्रावण मास के प्रारंभ होने के बाद पड़े पहले सोमवार को जिले भर के शिवालयों सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली।सुबह से ही इन मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ रहा जो रात्रि तक बना रहा।
सुबह से ही महिलाओं के अलावा बच्चे व पुरुषों ने भगवान शिव को जल चढ़ाकर अपनी मनोकामना पूर्ति को लेकर कामना की।मंदिरों में देर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
सुबह से ही महिलाओं के अलावा बच्चे व पुरुषों ने भगवान शिव को जल चढ़ाकर अपनी मनोकामना पूर्ति को लेकर कामना की।मंदिरों में देर रात्रि तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
भोलेनाथ को मनाने से भक्त
की हर मनोकामना होती है पूर्ण
की हर मनोकामना होती है पूर्ण
भक्त भोलेनाथ को मनाने के लिए जल, फूल, बेलपत्र व कई अन्य प्रसाद सामग्री अर्पित किए। बताया जाता है कि, सावन के महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। इस महीने में शिव को जल चढ़ाने से भक्त की हर मनोकामना पूर्ण होती है।दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर रेलवे कॉलोनी अनूपपुर के पुजारी ब्रह्मानंद गर्ग ने बताया कि सावन माह में प्रकृति अपने चरम सीमा में होती है,इसलिए प्रकृति की पूजा करनी चाहिए।श्रावण मास में पार्थिव पूजन का विशेष महत्व बताया जाता है। मिट्टी पूजन का भी अत्यंत महत्त्व है, इसलिए श्रावण मास में मिट्टी का पार्थिव शिवलिंग बनाकर, दुग्ध धारा से अभिषेक करने का महत्व है।
श्रावण मास का इतना महत्व है कि, यदि भगवान भोलेनाथ की पूजा ज्यादा नहीं भी हो पाती है, तो जल और बेलपत्र चढ़ाने मात्र से भी वह बेहद प्रसन्न होते हो जाते हैं और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।
श्रावण मास का इतना महत्व है कि, यदि भगवान भोलेनाथ की पूजा ज्यादा नहीं भी हो पाती है, तो जल और बेलपत्र चढ़ाने मात्र से भी वह बेहद प्रसन्न होते हो जाते हैं और पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।

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