(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) ढाई वर्षो बाद कोरोना काल की पाबंदी में ढील के बाद भी मेमू एवं पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों को बढ़े हुए किराए से राहत नहीं मिल सकी है। मेमू एवं पैसेंजर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को एक्सप्रेस के लगभग बराबर किराया चुकाना पड़ रहा है। रेलवे अभी भी लोकल ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चला रहा है। मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को विशेष दर्जे के कारण सफर में यात्रियों की जेब ढीली हो रही है। अभी भी बिलासपुर से कटनी, कटनी से बिलासपुर, बिलासपुर से शहडोल,शहडोल से बिलासपुर, अंबिकापुर से अनूपपुर, शहडोल से अंबिकापुर चलने वाली मेमू में स्पेशल एक्सप्रेस किराया लग रहा है।वही 25 एवं 26 से प्रारंभ होने वाली चिरमिरी से अनूपपुर एवं अनूपपुर से चिरमिरी चलने वाली पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों एवं अंबिकापुर से शहडोल एवं शहडोल से अंबिकापुर प्रारंभ होने वाली ट्रेन में भी किराया एक्सेस वाला लगेगा।रेलवे ने कोरोना काल में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रेनों को स्पेशल बनाकर किराया बढ़ा दिया था। तीसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद लम्बी दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के नंबर के आगे से शून्य हटा दिया गया। इन ट्रेनों का सामान्य नियमित दर्जा बहाल किया जा चुका है। लेकिन पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रेल बोर्ड ने अभी तक सामान्य दर्जे में नहीं बदला है।

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