(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत वर्ष 2022-23 मौसम खरीफ एवं रबी हेतु जिले अन्तर्गत फसल बीमा का कार्य विभिन्न आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों एवं बैंकों द्वारा किया जा रहा है। उक्ताशय की जानकारी देते हुए किसान कल्याण तथा कृषि विकास के उप संचालक एन.डी. गुप्ता ने बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत मौसम खरीफ 2022 हेतु अधिसूचित पटवारी हल्का अन्तर्गत किसानों की अधिसूचित फसलों का बीमा करने हेतु बैंकों द्वारा प्रीमियम नामे किये जाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। बैंकों द्वारा बीमित किसानों की प्रविष्टि हेतु भारत सरकार का फसल बीमा पोर्टल पर बैंकों द्वारा समय-सीमा में प्रविष्टि किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि बोई गई फसल की क्षति के समय कृषकों को हानि से बचने के लिए तथा बोई जाने वाली फसल में किसान द्वारा किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया गया है तो किसान द्वारा संबंधित बैंक से सम्पर्क कर बीमांकन की अंतिम तिथि के 2 दिन पूर्व यानि 29 जुलाई तक बोई गई वास्तविक फसल की जानकारी बैंकों को उपलब्ध कराया जाना है।
किसानों की सुविधा को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ, 2022 अन्तर्गत प्रदेश में नेशनल क्राप इन्श्योरेन्स पोर्टल पर भू-अभिलेख के एकीकरण का कार्य किया जा रहा है। पंजीयन के समय कृषक की भूमि धारिता संबंधी जानकारी भू-अभिलेख के आधार पर पोर्टल में ड्राप डाउन पर उपलब्ध हो सकेगी, जिसमें बीमाकर्ता (बैंकर्स/कामन सर्विस सेन्टर/स्वयं कृषक) द्वारा संगत खसरा नम्बर का चयन कर धारित भूमि का बीमा किया जा सकेगा। किसानों की सुविधा को देखते हुए पंजीयन के दौरान खसरा नम्बर तथा बीमित भूमि के क्षेत्रफल की सही-सही जानकारी बैंक द्वारा एनसीआईपी पोर्टल पर दर्ज की जाना है, जिससे किसानों को समय पर सही बीमा पॉलिसी जारी हो सकेगी।
उप संचालक कृषि द्वारा सभी बैंक शाखाओं,आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों एवं कृषकों से अपील की गई है कि ज्यादा से ज्यादा कृषक फसल बीमा करवा कर योजना से लाभान्वित होवें।
किसानों की सुविधा को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मौसम खरीफ, 2022 अन्तर्गत प्रदेश में नेशनल क्राप इन्श्योरेन्स पोर्टल पर भू-अभिलेख के एकीकरण का कार्य किया जा रहा है। पंजीयन के समय कृषक की भूमि धारिता संबंधी जानकारी भू-अभिलेख के आधार पर पोर्टल में ड्राप डाउन पर उपलब्ध हो सकेगी, जिसमें बीमाकर्ता (बैंकर्स/कामन सर्विस सेन्टर/स्वयं कृषक) द्वारा संगत खसरा नम्बर का चयन कर धारित भूमि का बीमा किया जा सकेगा। किसानों की सुविधा को देखते हुए पंजीयन के दौरान खसरा नम्बर तथा बीमित भूमि के क्षेत्रफल की सही-सही जानकारी बैंक द्वारा एनसीआईपी पोर्टल पर दर्ज की जाना है, जिससे किसानों को समय पर सही बीमा पॉलिसी जारी हो सकेगी।
उप संचालक कृषि द्वारा सभी बैंक शाखाओं,आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों एवं कृषकों से अपील की गई है कि ज्यादा से ज्यादा कृषक फसल बीमा करवा कर योजना से लाभान्वित होवें।

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