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जिले में सक्रिय हाथियों का दल एक हाथी पहुंचा जैतहरी बीट के बैहार तो दो हाथियों का नहीं मिल पाया लोकेशन

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) छत्तीसगढ़ के जंगलों से मध्यप्रदेश में लगभग 2 माह से अधिक समय हो चुका है जहां के तीन दंतैल हाथियों का समूह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला के साथ शहडोल, डिंडोरी व उमरिया में तीन हाथियों का समूह निरंतर विचरण कर रहा हैं।जोकि कुछ समय के लिए छत्तीसगढ़ की सीमा में चला गया था लेकिन फिर से मध्यप्रदेश में अपनी वापसी कर लिया।विगत एक सप्ताह पूर्व एक हाथी अपने दो हाथियों से बिछड़ गया।पता चला है कि एक हाथी अनूपपुर के जैतहरी बीट के बैहार में हैं और अहिरगवा वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहे दो हाथियों का लोकेशन वन विभाग को नहीं मिल पाया हैं।
इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार विगत एक सप्ताह पूर्व तीन दंतैल हाथियों का समूह वन परीक्षेत्र अहिरगवा से विचरण करता हुआ दो भागों में बट गया था। जिससे एक हाथी डिंडोरी और दो हाथी अहिरगवा से उमरिया जिला के पाली व घुनघुटी की ओर चला गया, लेकिन कुछ दिन रहने बाद हाथियों का दोनों दल पुनः अनूपपुर के राजेंद्रग्राम व अहिरगवा वन परिक्षेत्र में वापस आ गए है।
बता दें कि मंगलवार की शाम दो हाथियों का समूह आहिरगवा वन परिक्षेत्र के जंगल में विचरण कर रहे थे। हाथियों के समूह का निरंतर अनूपपुर, शहडोल, उमरिया व डिंडोरी की सीमाओं में विचरण करने को लेकर वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और हाथियों के विचरण क्षेत्र के इलाकों में निरंतर गस्ती कर ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही हैं ।
निरंतर सक्रियता के चलते अनूपपुर में किसी भी तरह की जनहानि जन घायल की घटना नहीं हो सकी है, लेकिन खाने की तलाश के कारण हाथियों के समूह के ओर से कई गांव में कच्चे मकानों में तोड़फोड़ कर मकानों के अंदर रखें खाने की सामग्री को अपना आहार बनाया है।

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