(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) निकाय चुनाव के नामांकन पत्र भरने का कार्य 11 जून 2022 से प्रारंभ हो जाएगा लेकिन देखा जा रहा है कि प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस एवं भाजपा निकाय चुनाव टिकट वितरण को लेकर सर्वसम्मति बनाने में पूरी तरह से असफल है।पार्टियों के पर्यवेक्षक नियुक्त हो गए हैं उसके बावजूद भी गुटों में वितरित पार्टियां अपनी अलग अलग रणनीति के तहत अपने चहेतों पार्षद को टिकट दिलाने के लिए अलग-अलग बैठक कर लिस्ट तैयार कर रहे हैं।दोनों ही पार्टियों की लिस्ट प्रदेश स्तर से फाइनल होनी है जिसके लिए लोग भोपाल में भी डेरा डाल कर टिकट फाइनल कराने की जुगत में लगे हुए हैं।निकाय चुनाव में पार्षद पद की टिकट पाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि जो पार्षद बनेगा वही अध्यक्ष पद का दावेदार होगा।देखा जा रहा है कि सामान्य सीटों में एक ही पार्टी के कई चेहरे सामने आ रहे हैं जो सदा पार्टी के प्रति अपनी वफादारी बताते थे लेकिन टिकट वितरण को लेकर सभी अपनी-अपनी दावेदारी अपने अपने माध्यमों से कर रहे हैं।दोनों ही पार्टियों में देखना है कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिलेगी उन्हें पार्टियां मना पाने में सफल होती है या नहीं।या फिर उन्हीं के पार्टी के लोग निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में अधिकृत पार्टी प्रत्याशी को चुनौती देने का कार्य करेंगे और पार्टियां उन पर क्या कार्यवाही चुनावी जंग के समय करती है यह सबसे महत्वपूर्ण बात होगी।अनूपपुर जिले में नगर पालिका एवं नगर परिषद के चुनाव होने हैं चुनाव को लेकर काफी समय से उहापोह की स्थिति रही लेकिन चुनाव घोषित होने के बाद राजनैतिक सरगर्मियां बहुत तेजी से बढ़ गई हैं।सभी वार्डों में लोग पहुंचने लगे हैं वार्ड के लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि एक ही पार्टी के कई उम्मीदवार उनके घरों पर दरवाजा खटखटा रहे हैं और कांग्रेस एवं भाजपा का अपने आप को उम्मीदवार बताते हुए विजई बनाने की अपील कर रहे हैं लेकिन मतदाता अभी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि पार्टी ने किसी भी प्रत्याशी को अभी अधिकृत नहीं किया है।जब राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को अधिकृत करने की घोषणा कर देंगे बी फार्म दे देंगे उसके बाद ही सारी स्थितियां परिस्थितियां लोगों की नजर में झलकने लगेगी की कौन होगा भावी अध्यक्ष।इसको लेकर फिर चर्चाओं का बाजार गर्म होगा अब लोग इंतजार में हैं की प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों की वार्ड वार घोषणा करें।इसके साथ ही अन्य राजनीतिक दल भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी पूरी कर चुके हैं आप पार्टी भी सभी वार्डों पर अपने प्रत्याशी खड़े करने का मूड बना चुकी है जो निश्चित ही प्रमुख राजनीतिक दलों के समीकरण को बिगाड़ने में अपनी अहम भूमिका निभाएगी।वहीं यह भी साफ नजर आ रहा है कि निर्दलीय उम्मीदवार कम से कम 2 सीटों पर विजय श्री का खिताब फहराने में सफल हो पाएंगे। देखना है आने वाले समय में निकाय चुनाव में मतदाता क्या फैसला लेता है क्योंकि यह चुनाव प्रत्याशी की वजनदारी दमदारी पर लड़ा जाएगा।इसका विधानसभा लोकसभा चुनाव से कोई लेना देना नहीं क्योंकि स्थानीय स्तर के चुनाव पर मतदाताओं की पसंद अलग होती है उसे अपने वार्ड शहर के विकास की चिंता होती है उस हिसाब से मतदाता अपना फैसला ईवीएम में कैद करता है।

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