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नर्मदा के अपने ही मूल क्षेत्र में प्रदूषित होने से बचाने गोंगपा ने सौंपा राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) जिला अंतर्गत अमरकंटक में उद्गम स्थल पर नर्मदा के अपने ही मूल क्षेत्र में प्रदूषित होने से बचाने गोंगपा ने मंगलवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर 7 बिन्दुओं पर कार्यवाही की मांग की।अपर कलेक्टर सरोधन सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में गोंगपा जिला अध्यक्ष ललन सिंह परस्ते ने बताया कि अमरकंटक से लेकर खंभात की खाड़ी तक रेवा प्रवाह पथ में पडऩे वाले सभी ग्राम नगर नर्मदा की अविरल पवित्र धारा से पवित्र होते हैं। जहां वर्षों से आश्रम, भवन, स्कूल, होटल, लॉज और दुकानों के अपशिष्ट पदार्थ जीवन दायिनी नर्मदा के उद्गम स्थल क्षेत्र में बहाया जा रहा है। इसे अपराध मानते हुए तत्काल कार्यवाही कर हटाया जाए। क्योंकि नर्मदा जल धार्मिक आस्था के साथ स्नान, पूजन तथा पीने के उपयोग के लिए श्रद्धालु ले जाते हैं। यह उनकी धार्मिक आस्था तथा स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। मुख्य मांगों में नर्मदा के किनारे एनजीटी व इकोसेंसेटिव जोन के गाइडलाईन अनुसार जितने भी मकान आते हैं उन्हें तत्काल हटाया जाए,मंदिर के पीछे बने हुए आश्रम के मल.मूत्र सीधे नर्मदा में मिल रहा है रोका जाए,नर्मदा के मुख्य द्वार की ओर गायत्री,सावित्री में मिलने वाले मल.मूत्र के कारक अवैध रूप से बने हुए हैं हटाया जाए, अमरकटक में बने गरीब मजदूरों के कच्चे मकान को इस गर्मी में गिरा दिया है जिससे बेघर हो गए हैं उन्हें रहने के तात्कालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाए,आगे किसी भी गरीब मजदूरों का कच्चा मकान जो नर्मदा नदी से दूर है उन्हें न तोड़ा जाए, पूर्व भूखंड उपलब्ध कराते हुए पुनर्वास की व्यवस्था बनाई जाए। नवीनीकरण के नाम पर नर्मदा का स्वरूप न बिगाड़ा जाए।

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