मिस्र (इजिप्ट) ने दी भारत
के गेहूँ के आयात को मान्यता
(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)अनूपपुर (अंंचलधारा) खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया कि मिस्र (इजिप्ट) की शासकीय उपार्जन संस्था द्वारा भारत के गेहूँ के आयात को मान्यता प्रदान की है। खाद्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 अप्रैल माह तक मध्यप्रदेश से गेहूँ निर्यात की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण गेहूँ की बम्पर पैदावार के बाद अनेक देशों में गेहूँ का निर्यात किया गया जिससे विदेशी राजस्व की भी प्राप्ति हुई।
460 करोड़ रूपये
के गेहूँ का हुआ निर्यात
के गेहूँ का हुआ निर्यात
खाद्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में माह 15 अप्रैल 22 तक 2 लाख 4 हजार 771 मीट्रिक टन गेहूँ का विदेशों में निर्यात किया गया। इसमें इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, हरदा, छिंदवाड़ा और दतिया जिसमें से बांग्लादेश, इंडोनेशिया, श्रीलंका, यू.ए.ई., विएतनाम को गेहूँ निर्यात किया गया।
जबकि भोपाल, गुना, टीकमगढ़, मुरैना, ग्वालियर और अन्य जिलों में इजिप्ट, फिलीपींस, जिम्बाब्वे, तंजानिया एवं में गेहूँ
निर्यात की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि गेंहूँ के निर्यात से लगभग 460.08 करोड़ की विदेशी राजस्व की भी प्राप्ति हुई। इसमें इन वर्षों में सर्वाधिक गेहूँ इंदौर से 97 हजार 887 मी.टन एवं न्यूनतम 3 हजार 370 मी.टन अन्य जिलों से निर्यात किया गया। उन्होंने बताया कि कांडला, मुंदरा, न्हावा शेवा, विशाखापटनम, बांग्लादेश बॉर्डर बंदरगाहों के माध्यम से यह गेंहूँ का निर्यात किया गया।
जबकि भोपाल, गुना, टीकमगढ़, मुरैना, ग्वालियर और अन्य जिलों में इजिप्ट, फिलीपींस, जिम्बाब्वे, तंजानिया एवं में गेहूँ
निर्यात की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि गेंहूँ के निर्यात से लगभग 460.08 करोड़ की विदेशी राजस्व की भी प्राप्ति हुई। इसमें इन वर्षों में सर्वाधिक गेहूँ इंदौर से 97 हजार 887 मी.टन एवं न्यूनतम 3 हजार 370 मी.टन अन्य जिलों से निर्यात किया गया। उन्होंने बताया कि कांडला, मुंदरा, न्हावा शेवा, विशाखापटनम, बांग्लादेश बॉर्डर बंदरगाहों के माध्यम से यह गेंहूँ का निर्यात किया गया।
विगत एक माह में
प्रदेश से निर्यात गेहूँ
प्रदेश से निर्यात गेहूँ
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विगत एक माह में मध्यप्रदेश से देश क विभिन्न 8 स्थानों पर 87 गेहूँ के रेक भेजे गए। जिसमें गांधी धाम में 17,कांडला में 16,मुंदरा में 08,खारी रोहर में 10, ध्रुब में 09, शिरवा में 08, विशाखापटनम में 09 और काकीनाडा में 10 रैक भेजे गए। इनमें 2 लाख 43 हजार 600 मीट्रिक टन निर्यात किया गया। इसके अलावा 2 हजार 116 रेक में से 59 लाख 24 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूँ भेजा जाना है।उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल द्वारा लिए निर्णय के बाद निर्यातकों के पंजीयन हेतु ऑन लाईन पोर्टल प्रारंभ किया गया है। आगामी तीन दिनों में निर्यात डैशबोर्ड भी प्रारंभ हो जाएगा। निर्यातक एक्सपोर्ट हेल्पलाइन नंबर 18002333474 पर अपना विवरण दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक एवं जिम्बावे के आयोजकों को लागत पत्रक भी प्रेषित किये जा चुके है।
27.24 लाख मेट्रिक टन
रबी फसलों का पंजीयन
रबी फसलों का पंजीयन
खाद्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि रबी उपार्जन के अंतर्गत 27 लाख 24 हजार 999 मेट्रिक टन रबी फसलों के लिए पंजीयन कराया गया। जिसमें गेहूँ 19 लाख 81 हजार 506, चना 4 लाख 57 हजार 680, मसूर एक लाख 14 हजार 876 एवं एक लाख 70 हजार 937 मेट्रिक टन सरसों की फसल के लिए पंजीयन शामिल है। यह पंजीयन 5017 उपार्जन केन्द्रों पर कराया गया।
1.85 लाख कृषकों
ने कराया पंजीयन
ने कराया पंजीयन
खाद्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के एक लाख 85 हजार 366 कृषकों ने अपनी फसलों के विक्रय के लिए पंजीयन कराया जिसमें से एक लाख 70 हजार 48 किसानों ने गेंहूँ, 15 हजार 318 किसानों ने चना विक्रय के लिए पंजीयन कराया।

0 Comments