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ई-संसाधनों और अनुसंधान उपकरणों के उपयोग पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन


(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंचलधारा) प्रो. राम दयाल मुंडा केंद्रीय पुस्तकालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में "ई-संसाधनों और अनुसंधान उपकरणों के उपयोग" पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन माननीय कुलपति श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में सम्प्पन हुआ।
प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलगीत प्रस्तुत किए गए और उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. शंकर रेड्डी कोल्ले ने मुख्य अतिथि और प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रोफेसर आलोक श्रोत्रिय, डीन अकादमिक, ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्घाटन भाषण दिया और अनुसंधान के महत्व पर चर्चा करते हुए  केन्द्रीय पुस्तकालय के संसाधनो के बारे में बताया। भारतीय राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय, शोधगंगा, शोधगंगोत्री, अनुसंधान में प्रौद्योगिकी का उपयोग, और जिम्मेदार आचरण कैसे करें अनुसंधान अखंडता को बनाए रखने के साथ अनुसंधान कैसे करे, सम्बंधित तरीकों के बारे में बताया.
उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. शंकर रेड्डी कोले ने ई-संसाधनों और अनुसंधान उपकरणों के उपयोग पर तीन तकनीकी सत्रों पर चर्चा की, पहले सत्र में, चर्चा की गई और प्रदर्शित किया गया कि केंद्रीय पुस्तकालय और अनुसंधान मीट्रिक द्वारा सब्सक्राइब किए गए ई-संसाधनों का उपयोग कैसे किया जाए। द्वितीय सत्र में, व्यावहारिक रूप से पी-एच.डी. करते समय संदर्भों को प्रबंधित करने के लिए मेंडेली संदर्भ प्रबंधन सॉफ्टवेयर का उपयोग कैसे करें। तीसरे सत्र में, साहित्यिक चोरी और इससे कैसे बचा जाए, इस पर चर्चा की गई और साहित्यिक चोरी पर यू.जी.सी. के नियमन पर प्रकाश डाला गया। प्रत्येक सत्र के अंत में प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों को स्पष्ट किया गया। यह कार्यशाला गूगल मीट पर आयोजित हुई, जिसमे कुल 70 से ज्यादा शोध छात्र तथा बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के  शैक्षणिक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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