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अपीलीय न्यायालय ने भी अधीनस्थ न्यायालय की दोष सिद्धी को रखा कायम कारावास सहित अर्थदंड की सजा

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंचलधारा) न्यायालय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे के न्यायालय मे अपीलीय प्र.क्र. 37/16 एवं 45/16 एक ही प्रकरण के क्रमशः आरोपीगण रामसिंह गोड एवं कुवर सिंह दोनो निवासी कनईटोला थाना बिजुरी जिला अनूपपुर म.प्र., को अपीलीय कोर्ट ने भी 6-6 माह का सश्रम कारावास सहित अर्थदण्ड से दंडित किया है।
             मीडिया प्रभारी राकेश पाण्डेय ने सहायक जिला अभियोजन अधिकारी कोतमा राजगौरव तिवारी के हवाले से बताया की मामला थाना बिजुरी का है जिसमें फरियादी द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि वह अपने निजी काम से गांव के जाहर सिंह पटैत के घर गया था वहा से लौटते समय जैसे ही फरियादी आरोपीगण के घर के सामने से जा रहा था तभी आरोपीगण घर से निकलकर उसके सामने खडे हो गये और फरियादी को रास्ता रोककर अश्लील गालिया के साथ मुक्का तथा लाठी डंडे से मारपीट करने लगे जिसके बाद आरोपीगण उसे मारने की धमकी देते हुए भाग गए थे जिसमें थाना बिजुरी द्वारा अ.क्र 63/13 धारा 341,294,323,506,34 भादवि में दर्ज कर विवेचना उपरांत तत्कालीन न्यायाधीश श्रीमती नजमा वेगम के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था जिसमें दिनांक 07/04/2016 को अधीनस्थ न्यायालय द्वारा आरोपीगण को 1-1 वर्ष की सजा एवं 500-500 रू के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया था। जिससे क्षुब्ध होकर आरोपीगण द्वारा अपीलीय कोर्ट न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे के न्यायालय में अपील दायर की गयी जिसमें अपीलीय न्यायालय द्वारा भी अधीनस्थ  न्यायालय के दोष सिद्वी को कायम रखते हुए दोषियों को 6-6 माह का सश्रम कारावास सहित 500-500 रू का अर्थदण्ड दिया गया है। अपीलीय न्यायालय में अभियोजन संचालन शैलेन्द्र सिंह अपर लोक अभियोजक द्वारा किया गया। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अधीनस्थ  न्यायालय में अभियोजन का संचालन राजगौरव तिवारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया था।

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