अत्यावश्यक सेवाओं को
छोडकर विभागीय कार्यों से रहेंगे विरक्त
छोडकर विभागीय कार्यों से रहेंगे विरक्त
(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) केन्द्र सरकार के इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 के विरोध एवं प्रदेश मे विद्युत अधिकारी कर्मचारियों की लंबित मांगो के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाईज एवं इंजीनियर्स ने चरणबद्ध आंदोलन के पहले चरण 1 से 5 अगस्त तक के तहत जिले के विद्युत मण्डल के अधिकारी कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी धारण कर वितरण केन्द्र स्तर तक जनजागरण अभियान चलाया गया, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने फोरम द्वारा रखी गई मांगो पर विचार नही किया जिसके बाद आंदोलन की रूपरेखा के तहत आज जिले भर के विद्युत अधिकारी कर्मचारी अपना मोबाइल बंद कर आंदोलन करेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने निजीकरण के फैसले पर विचार नही किया तो 24 से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय संपूर्ण कार्य बहिष्कार के बाद 6 सितंबर से सभी अधिकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे।
फोरम ने यह
रखी मांग
मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाईज एवं इंजीनियर्स ने केन्द्र शासन द्वारा वितरण कंपनियों के निजीकरण के लिए प्रस्तावित विद्युत सुधार अधिनियम 2021 को लागू नही करने के अलावा ट्रांसमीशन कंपनी मे लाई जा रही टीबीसीबी को रद्द करने, संविदा को नियमित करने, आउटसोर्स कर्मचारियों को संविलियन करने, सभी अधिकारी कर्मचारियो को मुख्यमंत्री कोविड 19 कल्याण योजना मे शामिल करने, बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन व्यवस्था, सभी वर्गों की पदोन्नतियां, सभी प्रकार के वेतन विसंगति को दूर करने, सेवा निवृत्ति उपरांत सभी प्रकार की राषि का भुगतान करने, 28 फीसदी डीए प्रदान करने, पदोन्नति मे लगी रोक हटाकर पदोन्नति करते हुये रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
मांगे नही मानने पर करेंगे
अनिश्चितकालीन विरोध
विद्युत के निजीकरण के विरोध के लिए आंदोलन के संबंध मे यूनाइटेड फोरम के अनूपपुर जिला इकाई के अध्यक्ष एवं कार्यपालन अभियंता बृजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि जनता के हित मे फोरम सरकार द्वारा मांगे माने जाने तक अनिश्चितकालीन विरोध किया जायेगा वही फोरम के जिला संयोजक व सहायक अभियंता अनूपपुर जितेन्द्र कुमार गुप्ता ने सभी अधिकारियों कर्मचारियों को आपसी समन्वयक के साथ मिलकर उक्त बिल का विरोध करने की बात कही। उन्होने कहा कि सरकार विभागीय अधिकारी कर्मचारियों को निजी संस्था को सौंपकर तथा विद्युत का निजीकरण कर आम जनता के साथ धोखा कर रही है जिसका विरोध फोरम द्वारा किया जा रहा है।
मोबाइल बंद से हो
सकता है विद्युत व्यवधान
निजीकरण के विरोध स्वरूप 10 अगस्त को किये जाने वाले मोबाइल बंद विरोध मे आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड सकता है, हालांकि यह विरोध आम जनता के हित मे ही है, लेकिन सरकार की एकतरफा फैसले का विरोध भी करना आवष्यक है। विद्युतकर्मियों के मोबाइल बंद रहने पर विद्युत संबंधी समस्याओं पर अधिकारियों से आज किसी भी प्रकार से बातचीत नही हो पायेगी जिससे एक ओर विद्युत उपभोक्ता परेषान होंगे वही विभाग तथा शासन प्रषासन को भी समस्याओं का सामना करना पडेगा। 10 अगस्त के मोबाइल बंद विरोध की जानकारी फोरम के जिला संयोजक द्वारा अनूपपुर कलेक्टर को 06 अगस्त को दे दिया गया है।

0 Comments