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स्वस्थ्य शरीर मे स्वस्थ्य मस्तिष्क का निवास होता है-त्रिपाठी

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंचलधारा) इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के योग संकाय योग विभाग एवं विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय के  फिजियोथेरेपी विभाग के सयुक्त तत्वाधान मे आयोजित “कोरोना के कारण व्यक्तित्व विकास मे संकट को दूर करने के लिए योग” विषयक कार्यशाला के छठे दिवस पर तकनीकी सत्र की अध्यक्षता करते हुये अध्यक्षीय उद्बोधन मे प्रो. जे. एस. त्रिपाठी पूर्व विभागाध्यक्ष,  कायचिकित्सा, चिकित्सा विज्ञान संस्थान बी. एच. यू. बनारस ने योग एवं आयुर्वेद की महत्ता को बताते हुये समग्र स्वास्थ्य  पर प्रकाश डालते हुये कहा कि  “स्वस्थ्य शरीर मे स्वस्थ्य मस्तिष्क का निवास” होता है।  
आज के सत्र के प्रथम वक्ता डॉ दुर्गेश कुमार उपाध्याय, सहायक प्राध्यापक, मनोविज्ञान विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बनारस आपने भावनात्मक विचारों को कैसे संतुलित कर सकते है विचारों को संतुलित करने किए आपने अष्टांग योग पर बहुत बल दिया, अगर व्यक्ति अष्टांग योग का नियमित अभ्यास करता है तो साधक शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक आदि मे संतुलन प्राप्त कर लेता है। साथ ही आपने योग और संगीत के माध्यम से मानसिक तनाव से कैसे निवृत हो सकते है। आपने संगीत पर बल देते हुये कहा कि आज की आपाधापी भाग दौड़ भरे जीवन मे सम्पूर्ण मानव तनाव गृस्त होता जा रहा है इससे बचने के लिए संगीत चिकित्सा को बताया यही एक चिकित्सा है जो मानसिक तनाव से बचा सकती है ।  
आज के द्वितीय सत्र के वक्ता डॉ. एस. रुपेन्द्र राव, विभागाध्यक्ष योग एवं मनोविज्ञान विभाग, पं. सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने मन एवं मनोविज्ञान की प्रष्टभूमि एवं महत्ता को बताते हुये योग दर्शन के अनुसार मन पर कैसे नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही आपने सम्पूर्ण स्वास्थ एवं दिनचर्या को बताते हुये कोविड-19 मे स्वास्थ्य की महत्ता को बताया। साथ ही आपने अनेक शारीरिक एवं मानसिक रोगो को बताते हुये योग के विभिन्न आयामों के अनुपालन से व्यक्ति जीवन पर्यंत कैसे निरोग रह सकता है। साथ ही आपने कोविड-19 के तीसरे चरण को बताते हुये पुनः सावधानियाँ एवं नियमित योगाभ्यास एवं प्राणायाम के अभ्यास को नियमित करने की बात किया। 
आज का योगाभ्यास सत्र श्री आशीष टंडन एवं टीम, चैतन्य योग केंद्र द्वारा कराया गया। 
कार्यक्रम के सफल आयोजन मे प्रो. आलोक श्रोत्रिय, प्रो. जितेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. पूजा चौधरी, डॉ. प्रवीण कुमार गुप्ता, डॉ. संदीप ठाकरे, डॉ. नीलम श्रीवास्तव,अंशुमान दत्ता,अरविंद गौतम, गुरुनाथ करनाल, विवेक नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  
अतिथियों का स्वागत तथा संचालन डॉ. क्लारीयोंडा डोननामुखीम सहायक प्राध्यापक, फिजियोथेरेपी विभाग, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हरेराम पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक, योग विभाग, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक द्वारा किया गया।  

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