(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जितेंद्र सिंह पवार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर शिवकुमार सिंह,संयुक्त कलेक्टर अंजलि द्विवेदी, तहसीलदार गौरी शंकर शर्मा अनूपपुर,एसडीओपी अनूपपुर, कोतवाली निरीक्षक अनूपपुर अमर वर्मा,पटवारी रूपनारायण प्रजापति एवं मंदिर,मस्जिद के धर्म गुरुओं की उपस्थिति में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें हाल ही में मध्यप्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देश उपरांत मध्यप्रदेश शासन द्वारा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं नियम विरुद्ध उपयोग पर नियंत्रण हेतु जारी निर्देश बताए गए।
बैठक में कोतवाली अनूपपुर निरीक्षक अमर वर्मा ने कोतवाली क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों लाउडस्पीकर के बेजा इस्तेमाल रोकने के संबंध में प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश वाले परिपत्र से सभी को अवगत कराया गया।बैठक में मंदिर एवं मस्जिद के धर्मगुरु उपस्थित हुए
सभी धर्म गुरुओं ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में जारी निर्देशों का पालन किए जाने हेतु सहमति प्रदान की।
मंदिर-मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकरों को चिन्हित कर उन्हें रोका जाएगा।आवासीय क्षेत्रों में पचास डेसिबल दिन में और रात में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि नहीं होना चाहिए।
साइलेंट जोन में यह सीमा दिन में पचास और रात में चालीस रहेगी।कामर्शियल क्षेत्रों में दिन में 65 और रात में 55 से अधिक नहीं रहेगी।औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में 75 और रात में 70 डेसीबल से अधिक शोर नहीं होना चाहिए।
ध्वनि प्रदूषण के संबंध में शिकायत मिलने पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी।इसमें जिला प्रशासन,पुलिस मिलकर कार्यवाही करेगी।
बैठक में कोतवाली अनूपपुर निरीक्षक अमर वर्मा ने कोतवाली क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों लाउडस्पीकर के बेजा इस्तेमाल रोकने के संबंध में प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश वाले परिपत्र से सभी को अवगत कराया गया।बैठक में मंदिर एवं मस्जिद के धर्मगुरु उपस्थित हुए
सभी धर्म गुरुओं ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में जारी निर्देशों का पालन किए जाने हेतु सहमति प्रदान की।
मंदिर-मस्जिद और अन्य धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकरों को चिन्हित कर उन्हें रोका जाएगा।आवासीय क्षेत्रों में पचास डेसिबल दिन में और रात में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि नहीं होना चाहिए।
साइलेंट जोन में यह सीमा दिन में पचास और रात में चालीस रहेगी।कामर्शियल क्षेत्रों में दिन में 65 और रात में 55 से अधिक नहीं रहेगी।औद्योगिक क्षेत्रों में दिन में 75 और रात में 70 डेसीबल से अधिक शोर नहीं होना चाहिए।
ध्वनि प्रदूषण के संबंध में शिकायत मिलने पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी।इसमें जिला प्रशासन,पुलिस मिलकर कार्यवाही करेगी।

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