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शासन की योजनाओं को नुमाइंदे ही लगा रहे पलीता मिड डे मील के नाम पर नहीं मिल रहा भरपेट भोजन

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो) 

अनूपपुर (अंंचलधारा) शासन की योजनाओं को शासन के नुमाइंदे ही ग्रहण लगाने में कोई चूक नहीं कर रहे अनूपपुर जिले में शासन की महत्वपूर्ण मिड डे मील योजना पर जिले में समूह संचालक पलीता लगा रहे हैं। बच्चों को गुणवत्ता युक्त भोजन देकर कुपोषण दूर करने के लिए चलाई गई योजना में अधिकांश स्थानों पर समूह संचालक सिर्फ दाल, चावल या सब्जी चावल परोस कर खानापूर्ति कर रहे हैं। वहीं कुछ स्कूलों में बच्चों को भरपेट भोजन भी नहीं दिया जाता है मेन्यू के अनुसार तो कहीं भी भोजन नहीं मिल रहा है। शिकायत मिलने के बाद भी मॉनिटरिंग करने वाले विभाग द्वारा समूहों पर किसी तरह की कार्रवाई न किए जाने से यह समस्या बढ़ती जा रही है।
                       बताया गया कि अनूपपुर जिले में 1553 विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत गुणवत्ता युक्त भोजन दिए जाने का कार्य स्थानीय समूह को दिया गया है। इसमें 1164 प्राथमिक विद्यालय तथा 389 माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।प्राथमिक स्कूलों में कुल 43681 छात्र-छात्राएं दर्ज हैं वही माध्यमिक विद्यालय में 29276 छात्र-छात्राएं इस योजना के तहत लाभान्वित हो रहे हैं।    
                 शासन द्वारा प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के मध्यान भोजन के लिए प्रतिदिन 4 रुपए 97 पैसे प्रति छात्र के हिसाब से समूह को दिए जाते हैं।वहीं माध्यमिक विद्यालय में प्रति छात्र 7 रुपये 45 पैसे शासन द्वारा प्रतिदिन के मान से दिया जाता है।जिससे कि अध्ययनरत छात्र छात्राओं को गुणवत्ता युक्त भोजन प्रदान करते हुए उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास किया जा सके।मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों में कार्य कर रहे समूह को 2 महीने से दाल एवं सब्जी सहित अन्य भोजन के लिए के लिए प्रदत्त किए जाने वाली राशि का भुगतान नहीं किया गया है। अगस्त और सितंबर महीने का भुगतान अब तक ना होने से लगभग 90 लाख रुपये का भुगतान समूहों का बकाया है। भुगतान न मिलने के बाद भी मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन कर रहे हैं जिसमें बजट न मिलने की बात कहकर मनमाना भोजन दिया जा रहा है।क्वालिटी मॉनिटरिंग का कार्य कर रहे जिला पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के बाद से प्रति छात्र दिए जाने वाले मानदेय को नहीं बढ़ाया गया है जबकि खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ती जा रही है।जिसके कारण समूह भी इतने कम पैसे में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दे पाते हैं।प्रतिदिन वितरित किए जाने वाले भोजन की रिपोर्ट विद्यालय के प्राचार्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजते हैं।अधिकारियों द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिए जाने से समूह मनमाना भोजन परोस रहे हैं।

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