(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) रेलवे स्टेशन अनूपपुर के टिकट निरीक्षक विश्राम गृह के बगल में बच्चों के लिए रेलवे द्वारा बाल उद्यान संचालित है जो समुचित देखरेख के अभाव में बदहाल होता जा रहा है।उद्यान के बाद रेलवे कर्मचारियों के आवास है,यहां पहले कालोनी के बच्चे बड़ी संख्या में आते रहे हैं पर अब यहां आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है।
बताया गया उद्यान में जो पौधे धे लगाए गए थे वह भी अनदेखी की वजह से गायब होते जा रहे और उजड़ गए हैं।बच्चों के मनोरंजन के लिए जो संसाधन यहां उपलब्ध कराए गए वह भी जंग खाते जा रहे हैं।संबंधित विभाग उद्यान की तरफ कई माह से ध्यान नहीं दे रहा है फलस्वरूप उद्यान दुर्दशा का शिकार होता जा रहा है। अब सुबह ना तो
टहलने एवं व्यायाम करने वाले लोग आते हैं और ना ही शाम को बच्चों की धमाचौकड़ी नजर आती है।उद्यान का गेट हर पल खुला रहता है जिससे मावेशी यहां डेरा जमाए रहते हैं।
जो यहां पर लगी घास और पेड़ पौधों को खा कर नष्ट कर रहे हैं। यहां की देख रेख न होने से उद्यान का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है।जबकि लाखों की लागत से यह उद्यान तैयार किया गया था। रेलवे के संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि बच्चों के बाल उद्यान को सुव्यवस्थित किया जाए जिससे बच्चे उसका उपयोग कर सकें।
बताया गया उद्यान में जो पौधे धे लगाए गए थे वह भी अनदेखी की वजह से गायब होते जा रहे और उजड़ गए हैं।बच्चों के मनोरंजन के लिए जो संसाधन यहां उपलब्ध कराए गए वह भी जंग खाते जा रहे हैं।संबंधित विभाग उद्यान की तरफ कई माह से ध्यान नहीं दे रहा है फलस्वरूप उद्यान दुर्दशा का शिकार होता जा रहा है। अब सुबह ना तो
टहलने एवं व्यायाम करने वाले लोग आते हैं और ना ही शाम को बच्चों की धमाचौकड़ी नजर आती है।उद्यान का गेट हर पल खुला रहता है जिससे मावेशी यहां डेरा जमाए रहते हैं।
जो यहां पर लगी घास और पेड़ पौधों को खा कर नष्ट कर रहे हैं। यहां की देख रेख न होने से उद्यान का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है।जबकि लाखों की लागत से यह उद्यान तैयार किया गया था। रेलवे के संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि बच्चों के बाल उद्यान को सुव्यवस्थित किया जाए जिससे बच्चे उसका उपयोग कर सकें।

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