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छल कारित करने वाले आरोपीगण को 7-7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 8-8 लाख रूपये जुर्माना

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो) 

अनूपपुर (अंंचलधारा) न्‍यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कोतमा रविन्‍द्र कुमार शर्मा जिला-अनूपपुर के न्यायालय के द्वारा थाना रामनगर के अप.क्र. 203/20 धारा 420,  120बी भादवि में आरोपीगण अभिनीत यादव पिता हरकेश यादव उम्र 29 वर्ष निवासी फतेहपुर थाना कुंडा, जिला प्रतापगढ (उ.प्र.) व अब्‍दुल रहमान खान पिता जामा खाना उम्र 27 वर्ष निवासी 03 दफाई झगराखाड जिला कोरिया (छ.ग.) को को 07-07 वर्ष के कठोर कारावास एवं 08-08 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है तथा जुर्माने की राशि फरियादीगण को दिलाए जाने का आदेश पारित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शैलेन्‍द्र सिंह कोतमा द्वारा की गयी है।
                       अभियोजन मीडिया प्रभारी राकेश कुमार पाण्डेय ने अपर लोक अभियोजक शैलेन्‍द्र सिंह के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि मामला थाना रामनगर से संबंधित है,जिसमें माह जुलाई 2018 में फरियादीगण अनिरूद्ध पाल व राजेन्‍द्र यादव रियाजुद्दीन से मिले और रियाजुद्दीन ने फरियादीगण को रेल्‍वे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के लिए दिल्‍ली में आरोपीगण अभिनीत यादव,  अब्‍दुल रहमान खान एवं फरार आरोपी राज शर्मा से मिलाये जिन्‍होंने प्रत्‍येक फरियादीगण से 10 लाख रुपए की मांग रेल्‍वे में नौकरी दिलाने के नाम पर की तथा अभियुक्‍तगण के विश्‍वास पर फरियादीगण ने अभियुक्‍तगण को 10-10 लाख रुपए रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दिये जिनमें से 08-08 लाख रुपए अब्‍दुल रहमान के खाते में राशि ट्रांसफर की गयी। पैसा प्राप्‍त करनेग के उपरान्‍त अभियुक्‍तगण फरियादीगण को रेल्‍वे का नियुक्ति पत्र दे दिए किन्‍तु इस नियुक्ति पत्र पर फरियादीगण को रेल्‍वे में नौकरी नहीं लगी अर्थात अभियुक्‍तगण द्वारा दिया गया नियुक्‍ति पत्र फर्जी व कूटरचित था। इस प्रकार अभियुक्‍तगण ने बेईमानीपूर्वक छल करके फरियादीगण से 10-10 लाख रुपए नौकरी के नाम पर ठगी की गई।फरियादीगण की रिपोर्ट पर मामला थाना रामनगर में पंजीबद्ध किया गया था।
                     प्रकरण में शासन की ओर से पक्ष रखते हुए पैरवीकर्ता शैलेन्‍द्र सिंह कोतमा द्वारा माननीय न्‍यायालय के समक्ष आवश्‍यक साक्ष्‍य व दस्‍तावेजों को प्रस्‍तुत कर प्रकरण को संदेह से परे साबित किया। माननीय न्‍यायालय द्वारा शैलेंद्र सिंह के तर्कों से सहमत होते हुए उपरोक्‍त दण्‍ड से दण्डित किया है।  


 


                                                                                                                                                       

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