(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 13 सितम्बर को जिले के स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र पर 01 से 19 साल के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि नियंत्रण की दवाई एलबेण्डाजोल टेबलेट निःशुल्क खिलाई गई।पढ़ो,खेलो, स्वास्थ्य बनाओ,कृमि संक्रमण को दूर भगाओ,कृमि मुक्त बच्चे,स्वस्थ और खुशहाल बच्चे।इस तरह के स्लोगन के माध्यम से कृमि के संबंध में जन जागरूकता की गई।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आज स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के आपसी समन्वय से अभियान मोड पर कृमि संक्रमण के चक्र को समाप्त करने के लिए सुखद पहल की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.सी.राय ने इस संबंध में बताया गया कि कृमि संक्रमित बच्चे की शौच में कृमि के अण्डे होते हैं,खुले में शौच करने से ये अण्डे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि के अण्डे व लार्वा पाया जाता है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बच्चों के नंगे पैर चलने से गंदे हाथों से खाना खाने से या फिर बिना ढका हुआ भोजन करने से लार्वा के संपर्क में आने से कृमि संक्रमण होता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कृमि की दवाई दी जा रही है। कृमि नियंत्रण की दवाई एनीमिया को नियंत्रित करता है,एकाग्रता बढ़ाता है, शरीर में पौष्टिकता बढ़ाता है,शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है,जिससे बच्चों की स्कूल छोड़ने की दर में कमी आती है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक की देखरेख में राष्ट्रीय कृमि दिवस पर शासकीय शाला बस्ती अनूपपुर में डॉ.पिटानिया व विद्यालयीन शिक्षिका शैल शर्मा,डुम्मी पड़वार,एस.स्वाति व स्कूल पालक शिक्षक संघ के सदस्यों की उपस्थिति में कृमि नाशक दवाई बच्चों को खिलाई गई।
कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में आज स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के आपसी समन्वय से अभियान मोड पर कृमि संक्रमण के चक्र को समाप्त करने के लिए सुखद पहल की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.सी.राय ने इस संबंध में बताया गया कि कृमि संक्रमित बच्चे की शौच में कृमि के अण्डे होते हैं,खुले में शौच करने से ये अण्डे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं। संक्रमित बच्चों में कृमि के अण्डे व लार्वा पाया जाता है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बच्चों के नंगे पैर चलने से गंदे हाथों से खाना खाने से या फिर बिना ढका हुआ भोजन करने से लार्वा के संपर्क में आने से कृमि संक्रमण होता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कृमि की दवाई दी जा रही है। कृमि नियंत्रण की दवाई एनीमिया को नियंत्रित करता है,एकाग्रता बढ़ाता है, शरीर में पौष्टिकता बढ़ाता है,शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है,जिससे बच्चों की स्कूल छोड़ने की दर में कमी आती है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक की देखरेख में राष्ट्रीय कृमि दिवस पर शासकीय शाला बस्ती अनूपपुर में डॉ.पिटानिया व विद्यालयीन शिक्षिका शैल शर्मा,डुम्मी पड़वार,एस.स्वाति व स्कूल पालक शिक्षक संघ के सदस्यों की उपस्थिति में कृमि नाशक दवाई बच्चों को खिलाई गई।

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