अनूपपुर (अंंचलधारा) लगभग 28 दिनों से शहर का माहौल पूर्ण रूप से राजनैतिक हो चुका था।टिकिट मिलने से लेकर नतीजे आने तक सभी के मन में अपने-अपने गणित और अपने-अपने आकलन थे। चौराहों, पान की दुकानों, सेलून और चाय ठेलों पर सिर्फ विषय चुनावी गणितों का था। फिर चाहे टिकिट मिलने के बाद अपने चहेते प्रत्याशियों के लिए बीच बाजार में तर्क विर्तक करते हुए लड़ जाना या फिर सारे कामधाम छोड़कर अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा देना। ऐसे सारे चित्रण सड़क के चौराहों में जिला मुख्यालय अनूपपुर में देखे गए शाम-दाम-दंड-भेद की सारी नीति अपनाते हुए प्रत्याशियों ने चुनाव में विजय प्राप्त करने की कोशिश की है।मंदिर- मस्जिद, गुरुद्वारा,चर्च सभी के चक्कर लगाते हुए अपनी जीत की कामना की। कुछ तो तांत्रिकों के जाल में फंसे नजर आए।अब कितने-तंत्र-मंत्र किसके काम आएंगे यह तो परिणाम ही बताएगा।अब किसका सूर्यास्त होगा और किसका विजय पताका लहराएगा यह नो बजे गिनती चालू होते ही कुछ देर में निर्धारित हो जाएगा।परिणाम का इंतजार प्रत्याशियों के साथ-साथ शहर की जनता को भी है।ईवीएम मशीन के अंदर किसका लक लॉक हुआ था यह कल पता चल जाएगा।बरहाल प्रत्यारियों की दिलों की धड़कने काफी बढ़ी हुई है। कि चुनाव जीतेगे या हारेगे।

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