(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंंचलधारा) जिले के इतिहास मे पहली बार किसी आईएएस अधिकारी ने नाराज हो कर प्रभारी मंत्री की बैठक का बहिष्कार कर दिया। आखिर प्रभारी मंत्री ने ऐसा कौन सा आरोप लगा दिया कि सीईओ जिला पंचायत को बैठक से बाहर जाना पड़ा...? यह तो कोई नहीं बतला रहा लेकिन मामला निर्माण कार्यों के लंबित भुगतानों का बतलाया जा रहा है।
जिले के शीर्ष अधिकारियों और म. प्र.शासन के दो मंत्रियों के बीच की खींचतान का दुष्प्रभाव अब शासकीय बैठकों पर भी पड़ता दिख रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार , 20 मई को आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में खनिज मद से होने वाले विकास कार्यों के लंबित रहने और फाईलों की पेंडेंसी से नाराज प्रभारी मंत्री मीना सिंह ने जिले के शीर्ष अधिकारियों से भरे सभागार में सीईओ जिला पंचायत हर्षल पंचोली पर संगीन आरोप लगा कर खलबली मचा दी। आईएएस हर्षल पंचोली ने बिना किसी शिकायत और साक्ष्य के आरोप लगाने पर प्रभारी मंत्री से आरोप साबित करने की चुनौती दी और कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। प्रभारी मंत्री पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल से भी नाराज थीं और उन्होंने उक्त दोनों अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
गुरुवार को तय कार्यक्रम के तहत प्रभारी मंत्री सुश्री मीना सिंह,मंत्री बिसाहूलाल सिंह ,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रुपमती सिंह, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना,पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल के साथ जिले के विभिन्न विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रही थीं। पता चला है कि खनिज मद से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के समय पर पूर्ण ना होने, फाईलों को लंबित रखने जैसे मुद्दों को लेकर प्रभारी मंत्री ने सीईओ जिला पंचायत से सवाल पूछते हुए सरपंचों के हवाले से गंभीर आरोप लगा दिये।अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से खचाखच भरे बैठक में प्रभारी मंत्री के सार्वजनिक आरोपों से श्री पंचोली नाराज हो गये। उन्होंने मंत्री से इस तरह के आधारहीन आरोप सार्वजनिक रुप से ना लगाने को कहा। इस पर मंत्री और भी नाराज हो गयीं और उन्होंने कार्य ना करने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी। इस वाद - विवाद के बीच अधिकारी बैठक से ही उठ कर चले गये। बतलाया गया है कि प्रभारी मंत्री पुलिस अधीक्षक से भी खुश नहीं थीं। प्रभारी मंत्री से जिले के कुछ नेताओं ने संभवतः कुछ शिकायतें की हैं। बाद में तनाव पूर्ण माहौल के बीच बैठक पूर्ण हुई और बाद में कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर के साथ मीना सिंह, बिसाहूलाल सिंह ने आन्तरिक बैठक की। इस बैठक मे भाजपा के किसी भी नेता को नहीं आने दिया गया। बैठक मे पुलिस अधीक्षक तो थे लेकिन सीईओ वहाँ नहीं थे।
जिले के शीर्ष अधिकारियों और म. प्र.शासन के दो मंत्रियों के बीच की खींचतान का दुष्प्रभाव अब शासकीय बैठकों पर भी पड़ता दिख रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार , 20 मई को आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में खनिज मद से होने वाले विकास कार्यों के लंबित रहने और फाईलों की पेंडेंसी से नाराज प्रभारी मंत्री मीना सिंह ने जिले के शीर्ष अधिकारियों से भरे सभागार में सीईओ जिला पंचायत हर्षल पंचोली पर संगीन आरोप लगा कर खलबली मचा दी। आईएएस हर्षल पंचोली ने बिना किसी शिकायत और साक्ष्य के आरोप लगाने पर प्रभारी मंत्री से आरोप साबित करने की चुनौती दी और कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। प्रभारी मंत्री पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल से भी नाराज थीं और उन्होंने उक्त दोनों अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
गुरुवार को तय कार्यक्रम के तहत प्रभारी मंत्री सुश्री मीना सिंह,मंत्री बिसाहूलाल सिंह ,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रुपमती सिंह, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना,पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल के साथ जिले के विभिन्न विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रही थीं। पता चला है कि खनिज मद से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के समय पर पूर्ण ना होने, फाईलों को लंबित रखने जैसे मुद्दों को लेकर प्रभारी मंत्री ने सीईओ जिला पंचायत से सवाल पूछते हुए सरपंचों के हवाले से गंभीर आरोप लगा दिये।अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से खचाखच भरे बैठक में प्रभारी मंत्री के सार्वजनिक आरोपों से श्री पंचोली नाराज हो गये। उन्होंने मंत्री से इस तरह के आधारहीन आरोप सार्वजनिक रुप से ना लगाने को कहा। इस पर मंत्री और भी नाराज हो गयीं और उन्होंने कार्य ना करने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी। इस वाद - विवाद के बीच अधिकारी बैठक से ही उठ कर चले गये। बतलाया गया है कि प्रभारी मंत्री पुलिस अधीक्षक से भी खुश नहीं थीं। प्रभारी मंत्री से जिले के कुछ नेताओं ने संभवतः कुछ शिकायतें की हैं। बाद में तनाव पूर्ण माहौल के बीच बैठक पूर्ण हुई और बाद में कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर के साथ मीना सिंह, बिसाहूलाल सिंह ने आन्तरिक बैठक की। इस बैठक मे भाजपा के किसी भी नेता को नहीं आने दिया गया। बैठक मे पुलिस अधीक्षक तो थे लेकिन सीईओ वहाँ नहीं थे।

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