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प्रणाम नर्मदा युवा संघ ने सर्पदंश जागरूकता शिविर आयोजित कर 500 को किया लाभान्वित


(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) देश भर में नाग पंचमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, परंतु नागपंचमी के त्योहार को छोड़कर रोज सैकड़ों की संख्या में सर्पों को मार दिया जाता है। सर्पों को मारने की जो मुख्य वजह है वह है अज्ञानता और डर।इसी स्थिति को देखते हुए प्रणाम नर्मदा युवा संघ ने जन जागरूकता के माध्यम से लोगों को सर्पों के प्रति फैले अंधविश्वास और भ्रांतियों को लेकर जागरूकता अभियान के द्वारा जागरूक  किया जा रहा हैं, संस्था द्वारा लगातार सर्पों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।नागपंचमी के शुभ अवसर पर प्रणाम नर्मदा युवा संघ ने ग्राम पंचायत भेजरी में सर्पदंश जागरूकता अभियान के तहत लोगों को सर्पों के विषय में जागरूक किया जिसमें लगभग 500 लोग लाभान्वित हुए और सभी ग्रामवासियों ने यह प्रण लिया की आज के बाद सर्पों की हत्या नही करेंगे।

सर्प प्रहरीयो द्वारा 
1000 सर्पों का रेस्क्यू 


संस्था के सर्प प्रहरीयो द्वारा अभी तक लगभग 1000 से अधिक सर्पों का रेस्क्यू किया जा चुका है जो अपने आप में एक मिशाल है, लगातार सर्पों का रेस्क्यू कर आज सैकड़ों जीवन बचाने का कार्य प्रणाम नर्मदा युवा संघ कर रही है आज इस कार्य की सराहना हर जगह की जा रही है।

दूध पिलाने की प्रथा 
मिथक पूरे समाज में 


नाग को दूध पिलाने की प्रथा और इसके द्वारा नाग देवता प्रसन्न हो जायेंगे ऐसी मिथक आज पूरे समाज में है , जिसकी वजह से सैकड़ों सर्प आज मारे जा रहे हैं।

जहर नहीं लोगों में अंध 
विश्वास से मर रहे लोग


लोगों में अंधविश्वास के चलते लगातार कई जाने जा रही है जो आज के आधुनिकता में बहुत सोचने का विषय है ,ज्यादातर मामलों में लोग सांप के जहर से नहीं बल्कि डर और अंधविश्वास के कारण मरते हैं।सांप काटने के बाद पहले लोग ओझा और झाड़-फूंक के चक्कर में फंस जाते हैं।इसमें समय गुजर जाने की वजह से ज्यादातर लोगों को बचाना संभव नहीं होता।आज भी लोग झाड़ फूंक,ओझा, गुनिया से बाहर नही आ पा रहे हैं,देश में  हर साल लगभग 50 हजार से अधिक लोगों की जान सर्प के काटने से होती है।संस्था द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में नवनिर्वाचित सरपंच उप सरपंच सचिव ग्राम पंचायत के सदस्य तथा अधिक संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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