(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)
अनूपपुर (अंचलधारा) इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकण्टक के पर्यटन प्रबंधन विभाग में पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। यह कार्यक्रम आगामी 13 अगस्त तक चलेगा। यह कार्यक्रम ’एआईसीटीई प्रशिक्षण और शिक्षण अकादमी’ के वित्तीय सहयोग से पूर्ण किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय व उद्देश्य टूर पैकेजिंग प्रबंधन के विभिन्न पहलूओं और आयामों पर मंथन करना तथा शिक्षण और प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों व इन क्षेत्रों से जुडे़ लोगों की अकादमिक क्षमताओं तथा ज्ञान और कौशल में वृद्धि करना है।
टूर पैकेज प्रबंधन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीप्रकाशमणि त्रिपाठी जी ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। भारत, उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में गुजरात तक धार्मिक, भाषायी और सांस्कृतिक विविधताओं के साथ-साथ प्राकृतिक सौन्दर्य और शानदार ऐतिहासिक स्मारकों से समृद्ध देश रहा है। भारत की ये बहुरंगी खुबसुरती विश्व के कई देशों के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। किन्तु कहा जाया जाये, कैसे जाये, कौन से दृश्य महत्वपूर्ण है, बजट, समय, आवागमन के साधन, होटल, स्थानीय भ्रमण जैसे कई महत्वपूर्ण पहलु उसके सामने होते है। ऐसे में टुर पैकेज धन, समय की बचत के साथ-साथ अच्छी सुविधाओं को प्राप्त करने का एक बेहतर विकल्प प्रस्तुत करता है। लोगों की आय में वृद्धि होने तथा संचार व आवागमन के साधनों में प्रगति होने के कारण इस क्षेत्र में बहुत तेजी से विकास हुआ है तथा कई देशों की अर्थव्यवस्था में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। समय के साथ-साथ कई टुर पैकेज बनाने वाली कई कम्पनियाँ उभरी है जो भ्रमण की इच्छा रखने वालों को धन व समय की बचत के साथ-साथ अच्छी सुविधायें देने का विकल्प प्रस्तुत करती है। बाधारहित भ्रमण व अधिकतम आनंद देने के साथ-साथ ये कम्पनियाँ भ्रमण के बेहतर विकल्प भी प्रदान करती है।
इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रशान्त कुमार सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा आगामी सत्रों में आयोजित होने वाले व्याख्यानों से प्रतिभागियों एवं अतिथियों को अवगत कराया। पर्यटन प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जे.बी.एस. जोहरी ने इस कार्यक्रम की आवश्यकता एवं इससे होने वाले लाभों के बारे बात की। विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. जितेन्द्र मोहन मिश्रा ने टुर पैकेज विषय से जुडे़ विभिन्न आयामों को विस्तार से प्रतिभागियों के बीच रखा।
हमारे देश में पर्यटन उद्योग तेजी से प्रगति कर रहा है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था में इस उद्योग का योगदान करीब 9 प्रतिशत है। कोविड वैश्विक महामारी को छोड़ दे तो यह उद्योग निरन्तर प्रगति कर रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगातार बड़ रही है। इस दिशा में आगे बड़ने के लिए इस क्षेत्र से जुडे़ लोगों के अन्दर बेहतर कौशल को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है जिससे यह उद्योग प्रगति की ओर तेजी से बड़े तथा भ्रमण के साथ-साथ पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दिया जाये। निःसन्देह यह फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम इस दिशा में एक सराहनीय कदम है। यह कार्यक्रम निश्चय ही इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के कौशल व क्षमताओं में वृद्धि करेगा। मैं इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रशान्त कुमार सिंह को बधाई देता हूँ।
शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. एस.सी. बागरी, हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय, गरवाल ने पर्यटन उद्योग के समक्ष चुनौतियों पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। इन्होने कहा कि देश में कुल रोजगार का करीब 10 प्रतिशत अकेले ही पर्यटन उद्योग सृजित करता है लेकिन इस उद्योग पर बजट आवंटन मात्र 0.1 प्रतिशत है। अधौसंरचना सुविधाओं जैसे- होटल, अन्य शहरों से संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं और परिवहन आदि का समूचित न होना भारतीय पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है। पर्यटकों की सुरक्षा भी एक प्रभावकारी कारक है। पर्यटन एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जो बिना किसी प्रकार के प्रदुषण के न केवल रोजगार पैदा करता है बल्कि तृतीयक क्षेत्र में रोजगार भी प्रदान करता है। पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी स्तर पर कई नीतिगत फैसले लेने तथा बजट में अधिक धन आंवटित करने की आवश्यकता है। डॉ. रोहित बोरलीकर, सह-संयोजक ने इस कार्यक्रम का संचालन किया तथा डॉ. जयप्रकाश नारायण ने आभार प्रस्तुत किया।

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