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टिकट को लेकर मची खींचातानी अनूपपुर नगर पालिका क्षेत्र में इस बार होगा निर्दलीयों का बोलबाला दलों में संकट

 

(हिमांशू बियानी/जिला ब्यूरो)

अनूपपुर (अंंचलधारा) स्थानीय निकाय चुनाव इस बार राजनीति की भेंट चढ़ गया।प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस एवं भाजपा कई टुकड़ों में विभक्त हो गई टिकट को लेकर दोनों ही दलों में मची खींचातानी के बाद अनूपपुर नगर पालिका क्षेत्र इस बार प्रमुख राजनीतिक दलों से हटकर निर्दलीयों के कब्जे में जाता दिख रहा है।कांग्रेस में जहां टिकट को लेकर मचा घमासान अब सड़कों पर आ गया है, इसी प्रकार भाजपा में भाजपा जिला अध्यक्ष ,मंत्री एवं पर्यवेक्षक के मध्य मची खींचतान में पुराने दरी उठाने वाले झंडा लेकर चलने वाले कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है।टिकट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियां केवल फॉर्मेलिटी करती रह गई तमाम लोगों से आवेदन लिए गए अलग-अलग प्रत्याशियों से रूबरू हुए लेकिन नतीजा शून्य निकला।पूर्व से बनी लिस्ट को बिना किसी सर्वे के फाइनल करने की कवायद तेज हो गई है जिससे दोनों ही दलों के कार्यकर्ता में निराशा व्याप्त है।अब वहीं कांग्रेस एवं भाजपा का कार्यकर्ता निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में उतर कर अधिकृत प्रत्याशियों को टक्टर देकर चुनाव को रोचक बनाने का कार्य करेंगे अंत में नतीजा यह होगा की जीतेंगे कांग्रेस एवं भाजपा के लोग ही लेकिन वह निर्दलीय रूप से विजय श्री का खिताब पाएंगे और फिर सर्वाधिक संख्या वाले पार्षद अपने अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। वैसे आम जनता भाजपा एवं कांग्रेस से पूरी तरह ऊब चुके हैं अब जनता भी चाहती हैं की लोकल स्तर का यह चुनाव नए लोग चुनाव मैदान में आए और नगर विकास में अपनी अहम भूमिका निभाए।फार्म भरने के बाद फार्मो की जांच प्रक्रिया प्रारंभ होगी और 22 तारीख को दोपहर बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और तस्वीर भी झलकने लगेगी कि कौन नगर पालिका की सिंहासन की कुर्सी पर विराजमान होगा।स्थानीय निकाय के चुनाव घोषित होते ही दोनों ही राजनीतिक दलों में उत्सुकता का माहौल था लेकिन टिकट बंटवारे के बाद गुटबाजी ने हर किसी को निराश कर दिया जिससे अब दोनों ही पार्टी के बगावती स्वर सुनने को मिलने लगे।जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्षद की टिकट को लेकर मची खींचातानी ने दोनों ही पार्टी को सड़कों पर ला दिया।
              ज्ञातव्य हो कि लोकसभा विधानसभा चुनाव से हटकर स्थानीय निकाय के चुनाव होते हैं लेकिन उसमें भी गुटबाजी उभर कर सामने आना अच्छे संकेत नहीं दे रहा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस बार अनूपपुर नगर पालिका पर निर्दलीयों का कब्जा होना लगभग सुनिश्चित सा प्रतीत हो रहा है।

पार्टी बदलने का 
सिलसिला चालू


नगरीय निकाय चुनाव में टिकट को लेकर मचे घमासान में अब भाजपा के लोग कांग्रेस में और कांग्रेस के लोग भाजपा में जाना प्रारंभ कर दिए।जिसका श्री गणेश भाजपा के बहुत ही पुराने कार्यकर्ता कृष्णानंद द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ कांग्रेश की सदस्यता ग्रहण कर लिए वहीं कांग्रेस के बहुत ही पुराने नेता पंकज अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लिए।टिकट को लेकर मचे घमासान में अभी और भी लोग दल बदलने का कार्य करेंगे।

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